
सुनो सुनो नी भैनो
मेनू खत अमडी दा आया
सो सो वारी मैं चुमिया
चुमके मस्तक नाल लगाया
जाग गई मेरी सूती किस्मत
हो गए भाग सवले
मेनू वी आजाद मैया ने है दरबार बुलाया
नी मैं घुट के कलेजे नाल लाई
चिठ्ठी आई शेरावाली दी
नी मैं पड़ पड़ हो गई शुदाई
चिठ्ठी आई मेहरावाली दी
गली विच आ के जदों डाकेआ सी बोलिया
सुध बुध भूली बुहा दोड के मैं खोलेया
बुहा दोड के मैं खोलेया दोड के मैं खोलेया
मेरी हो गई सफल कमाई
चिठ्ठी वेख के मेनू चढ़ गईआ ने खुमारियां
अम्बरा दे विच लाऊंदी फिरा मैं उड़ारिया
लाउंदी फिरा मैं उडारियां फिरा मैं उड़ारिया
ठण्ड चिठ्ठी ने कजेले विच पाई
चिठ्ठी विचो आवे सोहनी खुशबु ऐ प्यार दी
चिठ्ठी काहदी आई रुत आ गई बहार दी
रुत आ गई बहार दी आ गई बहार दी
किवे चिठ्ठी दी मैं करा वडयाई
माँ मैं ता जाना ऐ माँ मैं ता जाना ऐ,
शेरावाली दे दरबार भगत जाना ऐ,
विच गुफा दे बैठी भगतो खोल के माँ भंडारे
किस किस दा मैं नाम गिनावा लखा पापी तारे
सब दी आस पूजावे जेह्डी सब दे कम संवारे
मैं वी अलख जगाउनी जा के उसे माँ दे द्वारे
दिल करदा दरबार तेरे ते खंड ला के उड़ जावा
दर्शन करके पिंडिया दे मैं सुता भाग जगावा
चाकर बनके करा मजूरी माँ दी सेव कमावा
मेहर करे आजाद जे दाती ते मैं पापी तर जावा
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
