
राधे राधे, राधे राधे
राधे राधे, राधे राधे, गाते रहना
जल्दी जल्दी वृन्दावन आते रहना
आते रहना गाते रहना
वृन्दावन आके तेरे भाग खुल जायेंगे
यमुना नहा के सारे पाप धुल जायेंगे
(हमारे कृष्ण की पटरानी है यमुना महारानी, इसलिए)
बार बार यमुना नहाते रहना
चैन भी मिलेगा, आराम भी मिलेगा
राधा की कृपा से तुम्हे श्याम भी मिलेंगे
(और राधा कृष्ण जब दोनों मिल जायेंगे, तो क्या करोंगे)
दोनों को ह्रदय में बसाते रहना
वृन्दावन एक बार जो आजायेगा
दिल बार बार फिर से आना चाहेगा
वृदाबन की परिक्रमा लगाते रहना
आओं झूम इन गलियों में
राधे राधे बोलो ब्रज गलियों में
(और क्या करोगे ब्रज की गलियों में)
संतो की प्रसादी भी पाते रहना
एक बार आके जरा दर्शन तो कर लो
बिहारी जी की छवि को आँखों में भर लो
(और बिहारीजी के दर्शन करके फिर क्या करोगे)
चरणों में शीश नवाते रहना
कृष्ण का ह्रदय है राधा रानी
और राधा का ह्रदय है ये ब्रज भूमि
(और इस ब्रज भूमि के प्राण है ब्रज रज, इसलिए)
ब्रज रज शीश चढाते रहना
हो राधे राधे, राधे राधे, गाते रहना
हो वृन्दावन आते रहना
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