
जागो बंसीवारे ललना जागो बंसीवारे
जागो बंसीवारे ललना जागो बंसीवारे ललना जागो मोरे प्यारे,
रजनी बीती भोर भयो है घर घर खुले किवाड़े ।
गोपी दही मथत सुनियत है कंगना की झनकारे।।
उठो लालजी भोर भयो है सुर नर ठाड़े द्वारे ।
ग्वालबाल सब करत कोलाहल जय जय शब्द उचारे ।।
माखन रोटी हाथ में लीजे गौअन के रखवारे ।
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर शरण आया को तारे ।।
नंद बाबाजी को छैया,
नंद बाबाजी को छैया वाको नाम है कन्हैया ।
कन्हैया कन्हैया रे ,
बड़ो गेंद को खिलैया आयो आयो रे कन्हैया ।
काहे की गेंद है काहे का बल्ला,
गेंद मे काहे का लागा है छल्ला।
कौन ग्वाल ये खेलन आये ,
खेलें ता ता थैया ओ भैया ।।
रेशम की गेंद है चंदन का बल्ला,
गेंद में मोतियां लागे हैं छल्ला ।
सुघड़ मनसुखा खेलन आये,
बृज बालन के भैया कन्हैया ।।
नीली यमुना है नीला गगन है,
नीले कन्हैया नीला कदम्ब है ।
सुघड़ श्याम के सुघड़ खेल में ,
नीले खेल खिलैया ओ भैया ।।
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