
गुरू मुरारी ने मैं करदी मालो माल हरियाणवी भजन
गुरू मुरारी ने,
मैं करदी मालो माल।।
सुपने में प्रतिदिन आवः,
आ क मन्नै वो समझावः,
हो री सुँ खुश हाल,
सास नन्द ताने मारं सं,
कह क बांझ मन्नै पुकारं सं,
गुरू ने दे दिया लाल,
आए साल मैं दर प जाऊँ,
भण्डारा जगराता कराऊँ,
ले क गुरू का नाम,
धज्जा नारियल लाल लंगोटा,
लया राखया गुरूआं का सोटा,
लयाई चोला लाल,
अर्जुन स्वामी का मानुँगी स्यान,
दिखा दिया समचाणा धाम,
गुरू करः कमाल,
प्रेषक – राकेश कुमार खरक जाटान
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




