
तकदीर मुझे ले चल,
मैया जी की बस्ती में।
दरबार में हर रंग के,
दीवाने मिलेंगे,
आपस में बड़े प्यार से,
बेगाने मिलेंगे,
हर देश से पहुचेंगी,
दर्शन को निगाहे,
चारो तरफ ही माई के,
परवाने मिलेंगे,
ये उमर गुजर जाए,
क्या जाने कोई क्या है,
मेरी माई का दरबारा,
सबसे बड़ा है जग में,
शेहरे चड़े हुए है,
माई की रहमतो के,
प्यारा सज़ा हुआ है,
भक्तो की है कतारे,
माई के दर पे देखो,
दुल्हन सा लग रहा है,
सबसे हसीन देखो,
रहमत का है भंडारा,
तारे करम से सबको,
ममता लूटा रहा है,
अमीर और ग़रीब सभी,
माँ के दर पे आते है,
रहमत का है खजाना,
मेरे दिल की बस दुआ है,
मेरी माँ के दर पे जाऊं,
जीवन वहीँ गुजारूं,
कभी लौट के ना आऊं,
गुणगान करूँ माँ का,
जीवन सफल बनाऊ,
चरणों में अपनी माँ के,
श्रद्धा सुमन चढ़ाऊँ,
बस रात दिन भवानी,
तेरा भजन मैं गाउँ,
दुनिया को भूल तुझपे,
मैं वारी वारी जाऊं,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
