
तुझको बुला रही है,
मईया री तेरी लाडली।।
तेरा दरबार लगाया,
हेरी आसान तेरा बिछाया,
समसान छोड़ कै आओ,
क्यूं ज्यादा टेम लगाया,
पेड़ा खिला रही है,
पांडाल बीच में मईया,
एक पेसी तडफ रही है,
बुरा भगत का ना हो,
मेरी अखियां फड़क रही है,
चौकी लगा के बैठी है,
संकट नै मईया मुझ को,
चारों तरफ से घेरा,
दरस दिखाओ मां काली,
भोग लगाओ तेरा,
कढ़ाई लगा रही है,
पूनम गुरुजी के संग में,
हेरि राजकुमार भी आया,
ज्योत जगाई तेरी,
हेरी जागरण करवाया,
कब से रिझा रही है,
लेखक / गायक – राजकुमार किनाना जींद।
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