
अरे हालो रे भाया सिरेमंदर गढ़ धाम,
हालो रे भाया सिरेमंदर गढ धाम,
किणियागीरी पर्वत पर,
देवल सोवणो हो राज,
ने भोला भक्तों रो मनडो मोवणो हो राज।।
शान्तिनाथजी शिवजी रा अवतार,
इण कलयुग मे परचा अंतअपार,
संता री मेहरम रो नजारो,
जोवणो हो राम,
ने चरणे आयो रो मनडो मोवणो हो राम।।
अरे भवडगुफा रा दर्शन जुग मे जोर,
इण दर्शन सु हो जाये भावविभोर,
अलख समाधियों रो काई केवणो हो राज,
रे अलख समाधियों रो काई केवणो हो राज,
अरे चरणे आयो रो मनडो मोवणो हो राम।।
अरे होवे आरतीया सरेमंदिरगढ धाम,
पर्वत मे नित गुंजे शिव रो नाम,
दर्शन करे ने यस लेवणो हो राम,
अरे भोला भक्तों रो मनडो मोवणो हो राम।।
अरे गंगानाथजी ने गुरोसा रो विश्वास,
लिखे जोरावर पुरण करो मम आश,
सुखदेव सेन रा गजब गावणो हो राज,
हैमा सियोल गावे वार्ता हो राज।।
प्रेषक – मदनसिंह जोरावत बागरा
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



