
थारी याद सतावै जी साँवरिया फाँगण मं
थारी याद सतावै जी, साँवरिया फाँगण मं,कोई मिलणे बुलाल्योजी, बाबाजी थारै आँगण में ।। टेर ।।
तर्ज – मनवा गम खाले रे ।
यो मनड़ो दर्शन ने तरसे – २, नैणाँ सूँ आँसूड़ा बरसे,कोई झलक दिखाद्यो जी – २, हिवड़ो लुभावँण नं ।। आँगण में...
धीरज म्हारो छुट्यो जावे – २, ज्यूँ-ज्यूँ फाँगण नीड़ै आवै,कोई बेगा बुलाल्यो जी – २, धीर बंघावण नं ।। आँगण में..
केशरियो ध्वज सागे ल्यास्याँ – २, रिंगस सूँ ले पैदल आस्याँ,चरणां मं चढ़ास्याँजी – २, आश पुरावँण नं ।। आंगण में...
लाल गुलाल अबीर उड़ास्याँ – २, आँगणिये मं धूम मचास्याँ,कोई फाग सुणाँस्याँ जी – २, थाने रिझावँण नं ।। आँगण में...
‘शिव’ की आशा पुरी करद्यो – २, हाय दया को सिर पर धरद्यो,कोई हरदम आवाँजी – २, मौज उड़ावँण नं ।। आँगण में...
लिरिक्स – शिव चरण जी भीमराजका
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.





