
थासूं विनती करा
विनती म्हारीं सुण लीजौ,
खाटू रा सिरदार,
बैगा बैगा आइज्यो,
थाने में असवार।
थासूं विनती करा हाँ बारम्बार,
सुणो जी सरकार,
खाटू का राजा मैहर करो,
मैहर करो जी, अबकी बेर करो,
मत ना देर करो,
था बिन नाथ अनाथ की जी,
कुण राखेलो टेक,
म्हासां (हम जैसे) थाके मौकला (बहुत) जी,
थासां तो म्हारें थे ही एक,
जाणू हूँ दरबार में थारें,
घणी लगी है भीड़,
थारें बिन किस बिध मिटेगी,
भोले भगत की या पीर,
ज्यूँ ज्यूँ बीते टेम हिये को,
छुट्यो ज्यावै धीर,
उझल्यो आवे कालजो जी,
नैणा सूं टपटप टपके नीर,
साथी म्हारें जीव का थे,
थासे छानी ना,
जान बूझ के मत तरसाओं,
हिवड़े से लेवो लिपटाय,
ध्रुपद सुता की लज्जा राखी,
गज को काट्यो फंद,
सुणकर टेर देर मत कीजौ,
श्याम बिहारी बृजचंद,
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