
दुनिया के रंग रूप में क्यों हो गया मगन भजन लिरिक्स
दुनिया के रंग रूप में,
क्यों हो गया मगन,
आजा आजा आजा शरण,
ले पकड़ माँ के चरण,
माँ शारदे का प्यार तू,
दिल में में बसा के देख,
हृदय में माँ की ज्योति जरा,
तू जला के देख,
आती है सारी दुनिया जरा,
तू भी आ के देख,
अर्पण तो कर दे चरणों में,
श्रद्धा के कुछ सुमन,
ये धन ये मोह माया की,
नगरी को छोड़ के,
दुनिया के झूठे नातो से,
मुँह अपना मोड़ के,
आ बैठ माँ के सामने,
हाथ अपने जोड़ के,
लिखा करम ना बदलेगी,
कर ले उसे नमन,
रहता है खोया खोया सा,
क्यों अपने आप में,
यह तन मिला है इसको ना,
कर व्यर्थ पाप में,
जितना बचा है उसको लगा,
माँ के जाप में,
जगरातियो के साथ में,
कर दो घडी भजन,
ऐसे ही सुन्दर भजन आप यहां पर देख सखते है
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