
दुष्टों का दलन करती हो सदा,
रक्षा भक्तो की करती अम्बे माँ,
जो भी तेरी शरण आया होकर मगन,
उसका जीवन सवारे तू माँ।
दुष्टों का दलन....।
सबके संकट को हरती हो मैया,
फूल खुशियों के तुम ही खिलाती,
देखली सारी दुनिया ही मैंने,
कोई तुमसा नही है दाती,
अपने भक्तो के दुःख, लेके जीवन में सुख,
प्रेम अमृत लुटती हो माँ,
सच्चे हदय से अम्बे भवानी,
जो भी गुणगान करता तुम्हारा,
उसके घर में कभी जीवन में,
नही होता खाली भंडारा,
अपने साथ तुम्ही, उसके घर की सभी,
विपदा हर ले जाती हो माँ,
एक मैं ही नही कहती माँ,
कहता है ये संसार सारा,
सारी दुनिया के दुखियों का है माँ,
तेरा दरबार ही इक सहारा,
चाहे निर्धन कोई, चाहे राजा ही हो,
लाज सबकी बचाती हो माँ,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




