
नाथ थारे काई को घाटो रे,
सांवरिया काई को घाटो,
दर्शन से मारा पाप कटे तो,
थे क्यों नहीं काटो,
भक्त प्रहलाद भरोसे थारे,
कियो पिता से बेर,
सांवरिया कियो पिता से बेर,
खंब फाड़ नरसिंह बण आया,
करी ना पल की देर,
खंब यो हरडाटे फाट्यो जी,
खंब यो हरडाटे फाट्यो,
बृजवासी घबराया एक दिन,
इंद्र का डर से रे,
सावरिया इंद्र का डर से,
ब्रज को लियो रे उबार सावरा,
नख गिरवर धर के,
पड्यो नहीं पाणी को छाटो रे,
सांवरा पाणी को छाटो,
नामदेव को छप्परो छा बा,
आग्या मांड मंडासो रे,
सांवरा आग्या मांड मंडासो,
लक्ष्मी जी भी बंद खचवाया,
देख्यो लोग तमासो,
भगत को छायो थे टाटो रे,
सांवरा छायो थे टाटो,
ना भक्ति ना पूजा जानू,
सीधी साधी बात,
सांवरिया सीधी साधी बात,
सोहन लाल लुहाकर गावें,
गलती करज्यो माफ,
कान को खोलों थे डाटों रे,
कान को खोलों थे डाटों,
गायक – देव शर्मा आमा।
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