
( विघ्न हरण गौरी के नंदन,
सिमर सदा सुखदायी माँ,
तुलसी दास जो गणपती सिमरे,
कोट विघ्न टल जाए माँ।
वेद पुराण कथा से पहले,
जो सिमरे सुखदायी हो,
अष्ट सीधी नव निधि लक्ष्मी,
मन चाहा वर पाए हो। )
पहले गणपती गणेश नू मनाईये,
जदो भी कोई कम करिये,
एह्दे चरणा च सिर नू झुकाइये,
पहले गणपती गणेश नू......
पुष्प माल गल, हार सजा के,
मथे चंदन तिलक लगा के,
फिर लडडुआ दे भोग लगाइये,
गणपती माँ गौरा दा जाया,
शिव जी तो वरदान है पाया,
सच्चे दिलो एहदा ध्यान लगाइये,
जो जन आदि गणेश मनाये,
रिद्धि सिद्धि उस घर विच आये,
रवि लख लख शुक्र मनाईये,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

