
फिर ना पूछो की हम क्या करेंगे
उनके दर पे पँहुचने को पायें,
फिर ना पूछो की हम क्या करेंगे ।
सर झुकाना अगर जुर्म होगा,
हम निग़ाहों से सजदा करेंगे ।।
उनके दर पे पहुचने तो पायें ।
बात भी तेरी रखनी है साकी,
इश्क़ को भी ना रुसवा करेंगे ।
जाम दे या ना दे आज हमको,
मयकदे में सवेरा करेंगे ।।
उधर उनकी भी महफ़िल जमेगी,
इधर अपनी शमा भी जलेगी ।
हम अँधेरे को घर में बुलाकर,
उनके घर में उजाला करेंगे ।।
क्या कहें क्या है हमारे दिल में,
हसरत ए दीद ने मार डाला ।
हम झरोखों से ही झाँक लेंगे,
गर हमसे वो परदा करेंगे ।।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
