
बड़ी याद किशोरी जु की आये,
अखियों से नीर बरसे,
कोई अपना नहीं है हाये,
बड़ी याद किशोरी जु की आए,
कोई तो किशोरी जु को,
दियो सन्देश रे,
बड़ी मजबूर बड़ी,
दूर मेरा देश रे,
मेरी उंगली पकड़ ले जाए,
लाड़ली बचा लो मोहे,
गिरने लगी हूँ,
ऐसा लगे जैसे मैं तो,
मरने लगी हूँ,
आँख फड़के ये दिल घबराए,
मुस्का के उनका वो,
मेरी ओर देखना,
लिख नहीं पाए हरिदासी,
की ये लेखना,
पीड़ विरहा की सही ना जाए,
स्वर – साध्वी पूर्णिमा दीदी।
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