
बनडो सो लागे रे सज
बनडो सो लागे रे सज धज के मेरो संवारो,
मोर पांखडी मुक्त पे सोहे मोहे कुंडल प्यारा,
माथे चन्दन टिका सोहे काजल का लिशकारा,
सोहनी सूरत देखले जो भी वो तो दिल हारा,
मोटे मोटे नैनं का है दीवाना जग सारा,
हीरो का हार चमकता मोर छड़ी इतरावे,
घडी घडी में संवारियो वी रंग कही दिखावे,
ऐसा सुंदर रूप देख के चंदा वी शर्मावे,
प्रेमी जोभी खाटू आवे देख शवि लुट जावे,
हो थारी मुश्कान गज़ब है चितवन जड्डूगारी,
ब्रिज्गा रोशन सिंगार सुहावे लडिया लटके प्यारी,
बागा है पचरंगी श्याम का फुला वाली फुलवाड़ी,
इतर की खुशबू से महके श्याम नगरिया सारी,
अरे देखो देखो बाबो महरो मंद मंद मुश्कवे,
श्याम सलोनो बंकि अधा से हमारा चैन चुरावे,
रजनी के नैन मिले जब दिल फिसला जावे,
चोखानी बल्हार संवारो प्रेम सुधा बरसावे,
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