
बाबा भूतनाथ के दर जो भी आके झुकता सर
बाबा भूतनाथ के दर
जो भी आके झुकता सर
उसका जीवन जाए सवार
कोई रहता नहीं फिकर
भोले राखते सदा मेहर
हाथ रखते जिनके सर पर।।
हाथ रखते जिसके सर प्रति।।
बाबा रखते सदा मेहर
हाथ रखते जाइक सर पर
कोलकाता में बज रहा है
भूत नाथ का डंका
हर लेते हैं भाई को भोले
उलझन रहे ना शंका।।
नित्यताल के वाशी भोले
भूतनाथ अविनाशी
महाकाल है विश्वनाथ
कोई कहता है कैलाशी
सब चिंता लेते हर
जो भी जपता बम बम हर ।।
फिर क्यु भटके इधर उधर
जिसका मिला हो ऐसा डर
बैठे है शमशान पे
पर है जिनकी ऊंची शान
भक्तो पे कृपा है करते
भोले कृपा निवारण
गंगाजी के तट पर लगती है
रोज कचहरी जिनिकी।।
भव सागर से तार जाए
जो भरे हजारी इनकी
भक्तो की खातिर
भोले पी लेते हैं जहर
उसका जीवन जाए संवर
काली घाट पे काली मैया
भरे झोलिया खली
आज तलाक मैया के दर से
लौता ना कोई खाली
हो डस्टो को है मार भागे
भक्तो की प्रतिपाली
भूत नाथ के संग
मां काली की शान निराली।।
लक्खा भी झुकता सर
मां और भूतनाथ के डर
हाथ रखते मेरे सर प्रति।।
जय भूत नाथ जय काली माँ
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

