
माँ नु मनन वालेया दी बेड़ी कदे न अड़ी,
अडी ओ माँ नु मनन वालियां दी
बेडी कदे न अडी,
फड लै दाती आंबे दा तू पल्ला ,
हो जा खोटियो खरी,
खरी ओ माँ नु मनन वालेया दी,
ओ छड दे दुनियादारी नु बस,
माँ दा हो के रह जा,
दर दर दी दूर दूर दे नालो,
एक दा हो के बह जा
कोई नही दर इस दर वरगा
वेखी दुनिया बड़ी,
बड़ी ओ माँ नु मनन वालियां दी,
जींद अणि ते तिलकन रस्ता,
क्यूकर जान संबाली,
थके देवन वाले बाबे
इक हथ पकड़न वाली,
तेरी जिन्गदी वाली डोरी जीहने हथ फड़ी,
फड़ी ओ माँ नु मनन वालेया दी,
एह जग इक मुसाफिर खाना
कोई न किसे दा दर्दी,
कहे संजीव एह झूठी दुनिया,
कीह्दा एह दम भरदी,
काहदा मान सिकंदरा मेला घड़ी दो घडी,
घड़ी ओ माँ नु मनन वालियां दी,
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