
भादुड़ो भालो आयो रे चालो भगता परसाणे
भादुड़ो भालो आयो रे,
म्हारो मनड़ो हर्षायो रे,
दादोजी रो दिनड़ो आयो रे,
ओ मेळो भारी आयो रे,
आयी आयी भादुड़े री चौथ,
चालो परसाणे चालो भगता परसाणे।।
परसाणे में दादो अवतारी,
सुखी बाई दादा माता थारी,
हरजीराम है तात चालो परसाणे,
चालो भगता परसाणे।
बालाजी रा प्रेम पुजारी,
अखाराम जी नाम पुकारी,
जीवू बाईसा रा भ्रात चालो परसाणे,
ऊँचे धोरे थारो मन्दिर सोवै,
दादा थारी मूरत म्हारो मन मोहे,
दादोजी बालाजी दोन्यु साथ चालो परसाणे,
पान्चयु तिथि थारी आयी भारी,
दूर दूर स्यू आवे नर नारी,
टाबरिया री कैणी काई बात चालो परसाणे,
खीर चुरमां रो भोग लगावा,
ध्वजा नारियल भेंट चढ़ावा,
घीरत मिठाई भांत भांत चालो परसाणे,
“ओम राणा” दादा परसाणे आवै,
अखाराम जी रा भजन सुणावे,
राखो पोता रे माथै हाथ चालो परसाणे,
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