
भेरुनाथ जी की आरती लिरिक्स
जय भैरूनाथ हरे , जय जय भैरूनाथ हरे ।
जो कोई शरणे आवे , दुखड़ा दूर करे ।
ऊंचा आप विराज्या , सिर छतर धारी ।
लाल शृंगार सजायो , मंगल मन हारी ॥
जय भैरूनाथ ….
निर्धन ने धन देवे , दारिद दूर करे ।
पुत्रहीन सुख पावे , सबरा काज सरे ॥
सिसोदा देवल में , जगमग जोत जले ।
साँचा मन जो ध्यावे , सब सुख शान्ति मिले ।
निज पनघट में आसन , दुनियाँ दर्श करे ।
भैरव महिमा मोटी , सब गुणगान करे ॥
शंख नगाड़ा झालर , री झणकार पड़े ।
होय आरती भैरव , भक्तन भीड़ पड़े ।
सब भोपा जी हिलमिल , सेवा पूजा करे ।
दास प्रभु दड़वल सूं , अरजी आय करे ।
भैरूनाथ री आरती , जो गुणगान करे ।
दुखड़ा सब मिट जावे , भव सूं पार करे ।
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