
मंदिर खोलो बाबा थारो म्हे दिदार करस्या
मंदिर खोलो बाबा,
दोहा – बाटड़ल्या थारी जोवती,
म्हारी आंखड़ल्या दिन रात,
भक्ता उडिक साँवरा,
तो कोई करल्या मनड़ा री बात।
थारो म्हे दिदार करस्या,
थारे मंदिरये में बाता,
थास्यु चार करस्या,
तर्ज – पिया आवो तो मनड़ा।
बाबा थारी ओळ्यु घणी आवे,
पागल मन न कुण समझावे,
दरश करया बिन निंद न आवे,
आंखड़ल्या म्हारी भर भर आवे,
खाटूधाम में खाटूधाम में बुलाले,
थाकी सेवा करस्या,
इण संकट स्यू सब न बचाओ,
भक्ता रा थे कष्ट मिटाओ,
‘रजनी’ थारी प्रेम पुजारन,
सेवा म थारी हर पल हाजिर,
बाबा चाकरी बाबा चाकरी लगाले,
थारी दासी बंणस्या,
गायक / प्रेषक – संतोष शर्मा गौहाटी।
लेखिका – रजनी गुप्ता कोलकत्ता।
विशेष सहयोग – नवरत्न पारीक।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


