
मन में बसाकर तेरी मूर्ति उतारू में गिरधर तेरी आरती
By Kunj Bihari Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics Aarti Lyrics of Lord Shri Bhagwat -
मन में बसाकर तेरी मूर्ति उतारू में गिरधर तेरी आरती लिरिक्स
मन में बसाकर तेरी मूर्ति,
उतारू में गिरधर तेरी आरती॥
करुणा करो कष्ट हरो ज्ञान दो भगवन,
भव में फसी नाव मेरी तार दो भगवन,
दर्द की दवा तुम्हरे पास है,
जिंदगी दया की है भीख मांगती,
मांगु तुझसे क्या मै यही सोचु भगवन,
जिंदगी जब तेरे नाम करदी अर्पण,
सब कुछ तेरा कुछ नहीं मेरा,
चिंता है तुझको प्रभु संसार की,
वेद तेरी महिमा गाये संत करे ध्यान,
नारद गुणगान करे छेड़े वीणा तान,
भक्त तेरे द्वार करते है पुकार,
दास व्यास तेरी गाये आरती,
आरती कुंज बिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की आरती लिरिक्स
ॐ जय जगदीश हरे आरती लिरिक्स
श्री भागवत भगवान की है आरती लिरिक्स
- श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज
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