
मां बाप भगवान केवीजे,
दोहा – मात पिता परमात्मा,
और पति सेवा गुरु ग्यान,
जिन से हिलमिल चालीये,
वो नर चतुर सुजान।
अरे इन दुनिया में,
दिन उगता ही नाम पेला,
वारो देवीजे,
माँ- बाप री सेवा सु हो जावे,
नावडी पार,
अरे मिनक जन्म में माँ बाप तो,
मिले न दुजी बार वे भगवान केवीजे,
इन दुनिया में मां-बाप,
भगवान केवीजे ए हा।।
जन्म देवे है माता वा तो,
गरब मे राखे,
अरे जन्म दियो रे बाद,
वातो गोद में राखे,
अरे राखे वातो हिरदा माई,
करे गणे रो प्यार,
अरे माँ बाप औलाद रे खातीर,
मरवाने तैयार वे भगवान केवीजे,
अरे करे मजूरी जाय वे,
औलाद खातीर,
और गम खावे वचन करे,
ओर पढावे लिखावे केवे,
होजाई हुशीयार,
अरे पढ लिखने अफसर बन जावे,
देखे जुग संसार वे भगवान केवीजे,
अरे पाली सु गजेंद्र,
वो तो सेवा पावे,
अरे माँ बाप री महीमा,
रो ओ गुण गावे,
अरे कर जोडीया बालक,
गजेंद्र ऊबो है तैयार,
अरे माँ बाप री महीमा रो,
पायो कोनी पार,
वे भगवान केवीजे,
प्रेषक – मनीष सीरवी
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