
माखन खा मिश्री मैं दूंगी ये मोहन तेरे लिए
Maakhan Kha Mishri Main Duungi Ye Mohan Tere Lie lyrics
माखन खा मिश्री मैं दूंगी ये मोहन तेरे लिए.....
एक तो गर्मी का मौसम दूसरे पंखा नहीं,
सिर से टपके है पसीना ये मोहन तेरे लिए,
एक तो सर्दी का मौसम दूसरे कम्बल नहीं,
ठंड से धड़के कलेजा ये मोहन तेरे लिए,
एक तो बारिश का मौसम दूसरे छाता नहीं,
भींगे मेरी लाल चुनरिया ये मोहन तेरे लिए,
एक तो सावन का महीना दूसरे झूला नहीं,
तिरछी है तेरी नजरिया ये मोहन तेरे लिए,
एक तो फागुन महीना दूसरे रंग गुलाल नहीं,
मिलने को आजा सांवरिया ये मोहन तेरे लिए,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.





