
मेरी माँ दे नराते आए
भगतां नूं, पा दियो चिट्ठियां ।
शेरां वाली दे, नराते आए,
पा दियो, चिट्ठियां, पा दियो चिट्ठियां ॥
झंडे वाली दे, नराते आए,
पहली, पहली चिट्ठी, पंजां पांडवां नूं पा दियो ।
प्यार नाल, आ के तुसीं, भवन सजा दियो ॥
कण कण विच, नूर समाया,
दूजी, दूजी चिट्ठी, राजा हरिश्चंद्र नूं पा दियो ।
मइया दे, जैकारे अज्ज, गज्ज वज्ज ला दियो ॥
ओहने, मइया जी दा, जगरन रचाया,
तीजी, तीजी चिट्ठी, भगत ध्यानूं नूं पा दियो ।
लाल लाल, चोला ओहनों, मइया जी दा पा दियो ॥
जीहने, कट के, सीस चढ़ाया,
चौथी, चौथी चिट्ठी, राजा अकबर नूं पा दियो ।
ज्वाला मइया दा, ओहनों, दर्शन करा दियो ॥
जीहने, मइया जी दे, छत्तर चढ़ाया,
पंजवीं, पंजवीं चिट्ठी, सारे भगतां नूं पा दियो ।
आ के मइया, तुसीं सानूं, दर्शन दिखा दियो ॥
ओ वेला, मुड़ के, नरात्यां दा आया,
ओ ओहना, रलमिल, भेटां नूं गाणा,
अपलोडर – अनिल राममूर्ति भोपाल
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