
मैं पतंग हु प्यारे तेरे हाथ हैं
मैं पतंग हु प्यारे तेरे हाथ है मेरी डोर,
मैं हु तेरी मर्जी पे नचाले जिस और ।
एक चले न बाबा तेरे आगे मेरा जोर,
तू श्याम बाबा मेरा तू ही मेरी मैया,
थाम के कलाही चलना धुप हो जा छइया ।
देख के तुझको सोऊ तेरे भजन से जागे बोर,
जीत भी काबुल मुझे हार भी काबुल है,
प्यार तेरे फूलो से भी हार भी काबुल है ।
जीत के ना इतराऊ हारू तो करू ना छोर,
करू मैं गुलामी तेरी यही मेरा खवाब है,
अजमा के देख ये गुलाम ला जवाब है ।
तू जो कहे मैं तो नाचो तेरे आगे बनके मोर,
तेरी ख़ुशी की खातिर बन जाऊ माखन चोर ।।
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