
अपने बच्चो की पल पल रक्शा करने वाली ये है शेरावाली,
चंडी बन कर दुष्टो का अंत करने वाली ये है ज्योतावाली,
संकटो के बादल जब जब मेरे घर पे आते है,
तेरी किरपा से मियां पल में छट जाते है,
अँध्यारे जीवन में है ज्योत जलाने बाली ये है शेरावाली,
अकबर ने सोने का माँ छतर चढ़ाया था,
ध्यानु भगत ने भी माँ दिल से भुलाया था,
ऊचे पर्वत से करती जो जग की रखवाली ये है शेरावाली,
माँ का नाम सब से ऊंचा ममता की मूरत है,
दुनिया में सब से प्यारी मैया तेरी सूरत है,
अपने बच्चो की बात कभी ना जिसे टाली ये है शेरावाली
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