
राधा रानी का पा कर प्यार
धुन : नी मैं नचनां मोहन दे नाल
जीवन धन्न धन्न हो गया।
बना स्वर्ग मेरा घर-बार,
मैया मोहे आप बुलाया ।
मेरा सोया भाग्य जगाया ।
मेरे अवगुण दियो बिसार -
मोहे रसिकन संग बिठाया ।
रंग गुलाल इत्र बरसाया ।।
रोम रोम रस हुआ संचार -
गला पसार 'मधुप' जब गायो ।
मैया गोविन्द मिलन करायो ।।
लगी गूंजन जय जयकार -
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