
राधे-राधे सब वेदों का सार है
तर्ज:- काली कमली वाला मेरा यार है
राधे-राधे, सब वेदों का, सार है,
राधे-राधे, जपले, फिर उद्धार है...हो... ॥
तेरा उद्धार है... तेरा उद्धार है ॥
राधे-राधे, सब वेदों का...
राधे, नाम की, महिमा भारी,
जिसको, जपते, कृष्ण मुरारी ।
राधे-राधे, जपता, ये संसार है ॥
राधे-राधे, जपले, फिर उद्धार है...आ...
राधे, नाम है, सबसे प्यारा,
जिसने, इसका, लिया सहारा ॥
राधे, जी भर देती, उसका भन्डार है ॥
राधे-राधे, जपले प्राणी,
जपते, ऋषि, मुनि और ज्ञानी ॥
राधे-राधे, जीवन का, आधार है ॥
सिंगला, राधे, राधे बोले,
मुख में, अमृत, रस ये घोले ॥
राधे-राधे, अमृत, रस की धार है ॥
बोलो, राधा रानी, सरकार की... जय ।
लेखक:- सुरेश चन्द्र सिंगला, पलवल हरियाणा
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

