
तू राम भजन कर प्राणी, तेरी दो दिन की जिन्दगानी,
काया-माया बादल छाया, मूरख मन काहे भरमाया,
उड़ जायेगा साँसका पंछी, फिर क्या है आनी-जानी,
जिसने राम-नाम गुन गाया, उसको लगे ना दुखकी छाया,
निर्धनका धन राम-नाम है, मैं हूँ राम दिवानी,
जिनके घरमें माँ नहीं है, बाबा करे ना प्यार,
ऐसे दीन अनथोंका है, राम-नाम आधार,
मुखसे बोलो रामकी बानी, मनसे बोलो रामकी बानी,
सजन सनेही सुखके संगी, दुनियाकी है चाल दुरंगी,
नाच रहा है काल शीश पे, चेत-चेत अभिमानी,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
