
लाखों प्राणी तार दिए भजन लीरिक्स
भजन
लाखों प्राणी तार दिए सुनते हैं सरकार,
छोटी सी ये अर्ज मेरी,कर लेना स्वीकार,
अंत समय जब आये मेरा ..ओ..ओ..ओ.....
वो पूनम की शाम हो,
लब पे तेरा नाम हो,बस तेरा नाम हो,
भक्ति तेरी करते करते,हम तुझमे ही खो जाये,
ये जीवन की ज्योत तेरे, चरणों मे ही समा जाये,
बिन मतलब के इस जीवन का..ओ...ओ...ओ...
कुछ ऐसा अंजाम हो,
सन्मुख तेरा चेहरा हो,जब प्राण निकलने को आये,
तेरे चरणों मे ओ दादा,सर रखकर हम सो जाए,
थोड़ी सी जो सेवा कि हो ..ओ...ओ...ओ...,
उसका ये अंजाम हो,
धर्म नाम की चादर तन पे,अंतिम वस्त्र हमारा हो,
मुख मेरा जब भी खुले ,नवकार का नारा हो,
खो जाऊँ जब पंच तत्व में...ओ...ओ...ओ...,
मालोणी वो धाम हो,
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