
लिखमोजी माला फेरी है अमरपुरा रे माई
लिखमोजी माला फेरी है,
अमरपुरा रे माई।
दोहा – शिरोमणी संत भगत लिखमोजी,
ज्यारी महिमा अपार,
गावे बजावे सुने साम्भले,
ओ भवजल उतरे पार।
गाँव शहर मन्दिर लिखमोजी रा,
मूरतीया हर भवन रे माय,
मगरा पुछला गदा आश्रम भी,
प्रतिमा दीनी रे लगाय।
अमरपुरा रे माई मन्दिर,
देश विदेश रे माई,
सिरोही शिवगंज मन्दिर बनावे,
भक्ति भाव जगाई,
गुलाबगंज मेडमर माला,
गाँव कलदरी माई,
पाली बारवा बर रायपुर,
दिशा बासडा माई,
अहमदाबाद इंडिया काँलनी,
दर्शन करलो जाई,
सायला जालौर उमेदाबाद,
केशवाना रे माई,
बाड़मेर समंदडी मुकतसर,
मन्दिरीया दिया बनाई,
सालावास मन्दिर बनायो,
ओर सिंध रे माई,
चेन्नई हैदराबाद भवन में,
मूरतीया लगवाई,
अमरपुरो निज धाम माई,
संत सुवि कराई,
संत सुविधा कराई,
माली छंवर कहे मन्दिर बनीयो,
बनसी ओर सवाई,
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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