
शिव शंकर अलबेला मेरा,
शिव शंकर अलबेला,
भंग धतूरा खाना पीना,
भूत प्रेत सब चेला।।
बन के रहे फक्कड़ जोगी,
दुनिया को माला माल करे,
काम किसी से ना होता जो,
उसे हल महाकाल करे।।
राजा बनाके रंको को,
खुद पास राखे ना ढेला।।
शीश पे गंगा मस्तक चंदा,
गले नाग फुफकारते ,
तन पे रामा चिता भभूति,
तन बाघम्बर धारते,
दूजा कोई ना महादेव सा,
सृष्टि में ये अकेला।।
योगी है कभी भोगी है,
कभी संत कभी संन्यासी,
नीलकंठ कभी कैलाशी,
कभी औघड़ मरघाट वासी,
शर्मा तू भी शिव का होजा,
पीछे इसका रेला।।
एक बार जो तेरे चरण पड़े शिव भजन लिरिक्स
मेला लगया भोले दा शिव भजन
भोर भाई अब जागो भोले भक्त खड़े है द्वार पे तेरे
ओ भोले की बारात आगयी शिव भजन
उतरे मुझमे आदियोगी शिव भजन
ओ दुनिया के रखवाले भोले शंकर डमरू वाले
सुबह की पहली किरणों में शिव का रूप समाया
जागो भोले नाथ सुनो अरज हमारी
मन भोले से गौरी हार गयी रे
सदा शिव बम बम भोले बोलो रे बोलो बम बम भोले
जय जय शंकर त्रिपुरारी शिव भजन
एक लोटा जल चढ़ाओ ध्यान बस दो पल लगाओ शिव भजन
ओ भोले मेरा पापी मन डोले शिव भजन
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




