
शेर पे होके सवार,
मैया जी मेरे घर आना,
जग की पालनहार,
दाती माँ मेरे घर आना,
त्रिकुट पर्वत बसी भवानी,
ज्वाला जल रही ज्योति नुरानी,
वहाँ बहती जल की धार,
हाथीमत्था कठिन चढ़ाई,
देती सहारा खुद महामाई,
चहुँ ओर मची जय जयकार,
लांगुर वीर करे अगवानी,
ठुमक ठुमक फिर चले महारानी,
‘नागर’ की दरकार,
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