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श्रवण जनमीयो मांझल रात

Shravan Janamiiyo Maanjhal Raat lyrics

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॥ श्री ॥

श्रवण जनमीयो मांझल रात,

मछली री आनी दरियानी हेठ,

श्रवण आयो उनरी माँ रे पेट,

काली पचेडी ने भमरीया ना बाल,

घणी घणी बावडी ने नवखंड कुआँ,

वटे श्रवण ना जन्म हुआ,

लाम्बी पिपलीया ने छोटा छोटा पान,

श्रवण धावे अपनी माँ ना थान।।

हे ए पाँच वर्ष रा श्रवण भयो,

ले पाटी ने घनवा गयो,

गुरूवर धरीयो सिर पर हाथ,

पढवा लागो दिन ने रात,

पढ़ लिखने हुशीयार हुवो,

सुगडी नार ने परणे गयो,

श्रवण बोल्यो सुन मारी बात मारा,

आंधला माँ बाप री करजो थे सार।।

हे ए नाक थारा माँ बाप ने कुआँ रे माय,

मने तो मारे पिवर पहुँचाय,

बोल मारी गोरडी वचन सम्भाल,

देवुला मै थाने घर सु निकाल,

आगे श्रवण है लारे है नार,

श्रवण पहुँचीयो सुसराजी रे द्वार,

पहुँचीयो श्रवण सासरिया रे माय,

बोल्यो सुसरोजी ने वचन सुनाय।।

हे ए सुनो सुसरोजी वचन बले,

थारी डिकरी ने राखो घरे,

ठहरो जमाई थोडा जिमता थे जाय मारी,

बेटी रा अवगुण म्हणे बताव,

ठहरो जमाई थोडा जिमता थे जाव,

मारी बेटी रा अवगुण बताव,

इन अभागनी ने मौको दियो,

मारा आंधला माँ बाप री सेवा करो,

इन सु सुखरत काम न होवे,

मारे आंधला माँ बाप ने नाके कुँए।।

हे ए दुखीयो श्रवण हालतो जाय,

सुथार रे घर पुगो आय,

सुथार वीरा मारा वचन सुनो,

मारा आंधला माँ बाप रे कावड घडो,

कावड घडजो घाट सुधार,

सोरा बैठे मारा माँ ने बाप,

बोल्यो श्रवण मारी माय,

करो तैयारी दर्शन रे पाय।।

हे ए कांधे है कावड ने मन मे है धीर,

श्रवण चाल्यो सरयू री तीर,

भरीयो लोटो जकोलीयो है नीर,

लाग्यो कालजे श्रवण रे तीर,

मुख सु निकल्यो श्रवण रे हाय,

इतरा मे दशरथ पहुँचीयो आय,

मामा लोटो हाथ धरो मारा,

आंधला माँ बाप ने पानी पावो।।

हे ए राजा दशरथ मन मे घबराय,

बोल्यो ओ बेनड सु तो आय,

बहन बेनोई धरजो मनडा मे धीर,

मारा हाथा सु लाग्यो श्रवण रे तीर,

पेला तो बेनड मारी पानी पीवो,

थारो श्रवण स्वर्ग गयो,

इतरो सुनता ही लागी कालजा मे लाय,

आंधला माँ बाप स्वर्ग सिदाय,

गायक – प्रकाश माली जी।

प्रेषक – मनीष सीरवी

॥ जय हो ॥

हिंदी · Read on Bhajan Baan

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About this bhajan

Meaning, tradition and how to sing it

श्रवण जनमीयो मांझल रात भजन लिरिक्स is a bhajan dedicated to Ganesh Ji, sung in homes, temples, and community sabhas across India.

The bhajan opens with the line "Shravan janamiiyo maanjhal raat,", a verse devotees often recite while lighting the evening lamp or gathering for kirtan.

On this page you can read the complete lyrics in Hindi (Devanagari), Hinglish (Roman transliteration), English translation. Use the language toggle above to switch scripts, adjust the font size for comfortable reading, and save the bhajan to revisit during your next sabha or solo practice.

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