
श्री श्याम शरण में आजा
श्याम बनाये श्याम मिटाये,
श्याम जलाये श्याम बुझाये,
श्याम शरण में टेक दे माथा,
श्याम मुकद्दर सोया जगाए,
सांवरे की चौखट पे,
जो भी प्रेमी आएगा,
उसके सारे कष्टों को,
सांवरा मिटाएगा।
कांटे बिछे हो राहों में,
और मंज़िल ना हो कोई,
तूफ़ान ही तूफ़ान हो,
साहिल ना हो कोई,
हारा हो जब तू दुनिया से,
और साथी ना हो कोई,
मुश्किल घड़ी में यार तेरी,
शामिल ना हो कोई,
इसको बुलाना ज्योत जलाना,
श्याम धणी को आवाज़ लगाना,
मेरा सांवरा तुझको,
रास्ता दिखायेगा
तेरे सारे कष्टों को,
सौ मुश्किलों ने दुनिया की,
मुझको घेरा है सांवरे
अब डर नहीं है मुझको,
सहारा तेरा है सांवरे,
दुनिया ने लूटा अपनों से,
छूटा हूँ सांवरे
तू थाम लेगा चौखट पे,
तेरी बैठा हूँ सांवरे
बिगड़ी बना दे पार लगा दे,
शैलू का तू भाग्य जगा दे
भोलू ये ही चरणों में हाज़री लगाएगा
तेरे सारे कष्टों को सांवरा मिटाएगा
तू भी आजा ओ प्रेमी तू भी आजा
श्री श्याम शरण में
आजा श्री श्याम शरण में आजा
प्रेमी का बुलावा आते ही
मेरा श्याम दौड़ कर आता है
मेरा श्यामधणी हर जीवन,
मेरा खुशियों का उजाला लाता है,
जीवन ही बदल देता उसका,
जो हार के शरण में आता है
इसलिए तो मेरा सांवरिया,
हारे का सहारा कहता है,
श्री श्याम शरण में आजा,
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