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श्री सालासर बालाजी री कथा द्वितीय भाग

Sri Salasar Balaji Katha I Part lyrics

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॥ श्री ॥

श्री सालासर बालाजी री कथा द्वितीय भाग,

अरे बहन म्हारी राखो थारे मनडा मे विश्वास,

कानीबाई राखो थारे मनडा मे विश्वास,

भक्ति करो थे साची सेवना रे जियो,

अरे बाईसा बजरंग बाला आसी पाछा द्वार,

बाईसा बजरंग बाला आसी पाछा द्वार,

राजी करोनी अंजनी रा लाल ने रे जियो,

अरे बीरूडा कहिजे कहिजे भोला रो भगवान,

बीरूडा कहिजे कहिजे भोला रो भगवान,

भगता रे वेले आवे आंगने रे जियो,

अरे सालासर बालाजी री महिमा गावु आज,

सालासर बालाजी री महिमा गावु आज,

भक्ति सु प्रगट्या सालासर गाँव में ओ जियो।।

अरे बीरूडा एक दिन कोई दोपारी रो टेम,

बीरूडा एक दिन कोई दोपारी रो टेम,

आया बालाजी साधु वेश मे रे जियो,

अरे कानीबाई देख्यो साधु ने द्वार,

कानीबाई देख्यो साधु ने द्वार,

भाई मोहन ने हेलो मारीयो रे जियो,

अरे बीरा मोहन कोई साधु आयो द्वार,

बीरा मोहन कोई साधु आयो द्वार,

भिक्षा लेवन ने आयो द्वार पे रे जियो,

अरे मोहनजी देख्या देख्या बाहर ने तो आय,

मोहनजी देख्या देख्या बाहर ने तो आय,

देख्या बालाजी ने पाछा जावता रे जियो,

अरे मोहनजी दौडे कोई बालाजी रे लार,

मोहनजी दौडे कोई बालाजी रे लार,

जाय पग पकडे अंजनी लाल रा रे जियो,

अरे बापजी चालो म्हारे बहन रे घर आज,

बापजी चालो म्हारे बहन रे घर आज,

दर्शन देवोनी कानीबाई ने रे जियो,

अरे बालाजी होग्या होग्या मोहन रे संग भीर,

बालाजी होग्या होग्या मोहन रे संग भीर,

जावे कानी रे घर रे आंगने रे जियो,

अरे बीरूडा आसन तो बिछावे मोहनदास,

बीरूडा आसन तो बिछावे मोहनदास,

चरण तो धोवे अंजनी रे लाल रा ओ जियो,

अरे जिमावे गोरी गौ रे दूध री खीर,

जिमावे गोरी गौ रे दूध री खीर,

घिरत घाले जिमावे चूरमो रे जियो,

अरे बीरूडा भाई बहन सेवा भक्ति देख,

बीरूडा भाई बहन सेवा भक्ति देख,

राजी होयने हनुमंत बोलीया रे जियो,

अरे मोहन रेवुला मै सालासर रे गाँव,

मोहन रेवुला मै सालासर रे गाँव,

भगता री करूला पूर्ण कामना रे जियो,

अरे निवावे भाई बहन बालाजी ने शिश,

निवावे भाई बहन बालाजी ने शिश,

होया बजरंगी अंतर ध्यान तो रे जियो,

अरे बीरूडा भक्त शिरोमणी मोहनदास,

बीरूडा भक्त शिरोमणी मोहनदास,

भक्ति करे ओ हनुमंत वीर की रे जियो,

अरे बीरूडा जावे कोई गाँव चौक रे माय,

बीरूडा जावे कोई गाँव चौक रे माय,

बैठे धोरे कुटिया बनाय दी रे जियो,

अरे मोहनजी लिनो कोई मौन व्रत ने धार,

मोहनजी लिनो कोई मौन व्रत ने धार,

केवे बावलीयो बाबो गाँव में रे जियो,

अरे मोहनजी दुविधा आदी देखी भक्ति माय,

मोहनजी दुविधा आदी देखी भक्ति माय,

संसारी माया सु नातो तोडीयो रे जियो,

अरे मोहनजी चाल्या कोई निर्धन तप री ठोर,

मोहनजी चाल्या कोई निर्धन तप री ठोर,

जाय खेजड रे नीचे बैठीया ओ जियो,

अरे मोहनजी तप तपे खेजड नीचे बैठ,

मोहनजी तप तपे खेजड नीचे बैठ,

चढीयो बालकीयो छुपने खेजड़ी रे जियो,

अरे बालकीयो तोडन लागो सांगरीया को हाथ,

बावलीयो बाबा ने नीचे देखीयो रे जियो,

अरे बालकीयो डरीयो कोई थर थर धूंज्यो जाय,

बालकीयो डरीयो कोई थर थर धूंज्यो जाय,

बावलीयो बोल्या बालक ने प्रेम सु ओ जियो,

अरे बालकीया मती डर नीचे उतर जाय,

बालकीया मती डर नीचे उतर जाय,

मत न लेजा सांगरीया तोडने रे जियो,

अरे बालकीया कुण भेज्यो सांगरीया रे ताय,

बालकीया कुण भेज्यो सांगरीया रे ताय,

किनरे केना सु धूणी आवियो रे जियो,

अरे बावलीया बाबा म्हाने भेज्यो म्हारी मात,

बावलीया बाबा म्हाने भेज्यो म्हारी मात,

बापूजी डराने म्हाने भेजीयो ओ जियो,

अरे बेटा मती डरजे बावलीयो नही खाय,

बेटा मती डरजे बावलीयो नही खाय,

लायजे सांगरीया वटासु तोडने रे जियो,

अरे बालकीया कहिजे थारा बापू ने जाय,

मत न खाईजे इन सांगरीया रो साग,

खायो रेवे नही जुग मे जीवतो रे जियो,

अरे बालकीयो ले सांगरीया पुग्यो घर रे माय,

बालकीयो ले सांगरीया पुग्यो घर रे माय,

जायर बताई सारी बातडी ओ जियो,

अरे बापू माने कोनी बालकीया री बात,

बापू माने कोनी बावलीया री बात,

खाता सांगरीया स्वर्गा पुगीया रे जियो,

अरे बीरूडा कोनी जावे खाली भगतो रा बोल,

बीरूडा कोनी जावे खाली भगतो रा बोल,

भक्ति करे जो साचे भाव सु ओ जियो,

अरे मोहनजी बैठा बैठा भक्ति ध्यान लगाय,

मोहनजी बैठा बैठा भक्ति ध्यान लगाय,

चित मे आया बालाजी बोलीया रे जियो,

अरे आसोटा ठाकुर भेजे मूरत म्हारी आज,

आसोटा ठाकुर भेजे सालासर रे गाँव,

स्थापक करायजो धोले धोरीया रे जियो,

अरे सालासर ठाकुर लेयजो सालम सिंहजी ने साथ,

सालासर ठाकुर लेयजो सालम सिंहजी ने साथ,

गाँव रे लोगा ने लिजो साथ मे रे जियो,

अरे बलदीया छकडो चाले चाले सैनिक साथ,

बलदीया छकडो चाले चाले सैनिक साथ,

बालाजी री मूरत छकडे ऊपरे रे जियो,

अरे बीरूडा लेग्या मूरत सालासर रे गाँव,

बीरूडा लेग्या मूरत सालासर रे गाँव,

बलद तो रूकाया ओ धोले धोरीया रे जियो,

अरे बीरूडा सावन रो सुरंगो महिनो आय,

बीरूडा सावन रो सुरंगो महिनो आय,

ओडी धरती माँ हरी चुनडी रे जियो,

अरे बीरूडा सावन शुक्ल री नवमी आय,

बीरूडा सावन शुक्ल री नवमी आय,

शुभ दिन तो आयो शनिवार रो ओ जियो,

अरे संवत १८११ रे माय संवत १८११रे माय,

स्थापक करी ओ बालाजी री मूर्ति रे जियो,

अरे बीरूडा संवत १८५० बीरूडा संवत १८५०,

सालासर मे सोना रो सूरज उगीयो रे जियो,

अरे बीरूडा तेरस शुक्ल महिनो है वैशाख,

बीरूडा तेरस शुक्ल महिनो है वैशाख,

लीनी समाधि मोहनदास जी रे जियो,

अरे बीरूडा धिन है संत शिरोमणी मोहनदास,

बीरूडा धिन है संत शिरोमणी मोहनदास,

धिन है पूरा सालासर गाँव ने रे जियो,

अरे बीरूडा सालासर मे बनीयो सुन्दर धाम,

बीरूडा सालासर मे बनीयो सुन्दर धाम,

सूरज सामी है ऊंचो देवरो रे जियो,

अरे बिराजे मिन्दरिया में अंजनी रा लाल,

बिराजे मिन्दरिया मे अंजनी रा लाल,

परचा पडे है बजरंग लाल रा रे जियो,

अरे जागी मिन्दरिया मे दिवला री ज्योत,

सालासर जागेे जागे दिवला री ज्योत,

झालर झनकारा होवे आरती रे जियो,

अरे बीरूडा शंभु सागर लिखिया कलम सु बोल,

बीरूडा शंभु सागर लिखिया कलम सु बोल,

माली प्रकाश गाई किरती रे जियो,

अरे बालाजी नीता नायक चरना शिश झुकाय,

बालाजी नीता नायक चरना शिश झुकाय,

दर्शन देवो भगतो ने चोवटे ओ जियो,

अरे बालाजी करजो म्हारी भूल चूक ने माफ,

बालाजी करजो म्हारी भूल चूक ने माफ,

टाबरिया भोला मै आपरा रे जियो,

श्री सालासर बालाजी री कथा प्रथम भाग पिछली पोस्ट में,

गायक – प्रकाश माली जी।

प्रेषक – मनीष सीरवी।

(रायपुर जिला पाली राजस्थान)

॥ जय हो ॥

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About this bhajan

Meaning, tradition and how to sing it

श्री सालासर बालाजी री कथा द्वितीय भाग is a bhajan dedicated to Hanuman Ji, sung in homes, temples, and community sabhas across India.

The bhajan opens with the line "Sri Salasar Balaji Katha II Part,", a verse devotees often recite while lighting the evening lamp or gathering for kirtan.

On this page you can read the complete lyrics in Hindi (Devanagari), Hinglish (Roman transliteration), English translation. Use the language toggle above to switch scripts, adjust the font size for comfortable reading, and save the bhajan to revisit during your next sabha or solo practice.

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