
तर्ज - खाटू में बैठा दरबार लगा के लखदातारी
सकराय में दरबार लगा के बैठी मैया हमारी
मैया हमारी यह तो बड़ी चमत्कारी
ऊंचे - ऊंचे पर्वत पर धाम लगा के
बनती है किस्मत हाजिरी लगा के
खड़े हैं भक्त द्वार कब आएगी बारी
नवरात्र में माता की ज्योत निराली
माता के दर कोई ना जाए खाली
लुटाती भक्तों पर प्यार मैया हमारी
दास लकी थारे मंदिर में आवे
दर्शन करे मैया शीश झुकावे
जय जयकार मिलती खुशियां है सारी
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