
कोई शुभ काम हो सब से पहले
गणेशा को हम सब मनाये,
रीती देव ने इसकी चलाई
इस रीती को हम सब निभाये ।
वक्तुंरड अंकुश कर धारी
मूषक की करते है सवारी,
लम्बोदर को मोदक है भाये
भाव से इनको खिलाये ।
रिद्दी सिद्धि के है ये स्वामी
शुभ और लाभ के अन्तर्यामी यामी,
विघ्न बाधा हरे गोरी नंदन
रोली चन्दन जो इनको चडाऐ ।
तुम सा दयालु देव न दूजा
प्रथम हो जग में इनकी पूजा,
गाये प्रामोद इनकी महिमा
पद में पंकज भी प्रीत लगाये ।
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