
समय जो चाहेगा वो होगा,
दोहा – समय पाय फल होत है,
समय पाय झरि जाय,
सदा रहे नहिं एक सी,
का रहीम पछताय।
और नहीं कुछ होना,
जितनी राम ने भरदी चाबी,
उतना चले खिलौना,
ये दुनिया समझ न पाई,
गंगा या यमुना में जाके,
मल मल खूब नहाले,
मंदिर या गुरूद्वारे में जाके,
अपना शीश झुकाले,
पाप कर्म ये नहीं धुलेंगे,
चाहे जितना धोना,
झूठे जग की तृष्णाओं से,
तू अपना मन भरले,
तेरे बस की बात नहीं है,
जी चाहे जो करले,
जीवन का ये बोझा प्यारे,
पड़ेगा तुझको ढोना,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



