
सांवरिया कर दो बेड़ा पार लिरिक्स
सांवरिया कर दो बेड़ा पार।
मैं तो बावरी दर-दर भटकु,
करें क्यों ना उपकार।
आधी उमरिया बीती मेरी,
चेहरे पर मेरे पड़ गई झुर्री।
ना यो नकली लैप सुहावे,
तेरे भवन की छाया है भावे।
तेरे दरस की मन में आवे
ना करना इंकार।
मैं तो तेरे चरणों में बैठी।
आई हूं मै चढ़कर यह सीढ़ी।
लाई हूं मैं चौखा और लिट्टी।
संग में लाई खीर यह मीठी।
कदे ना चढ़ जा इस पर चींटी,
खाओ ना गटकार।
मैं तो हूं तेरी ही दासी,
ना हूं में कोई भोग बिलासी।
तेरी भक्ति में भजन मै गाऊं,
तेरे द्वार पर रोज ही आऊं।
तेरे रूप ने रोज निहारू,
ना घालो रे कजरार।
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