
सांवरे की दया है बडी मौज करते है हम हर घडी
सांवरे की दया है बडी,
मौज करते है हम हर घडी।
तर्ज – ज़िन्दगी की ना टूटे लड़ी।
श्लोक – सांवरे के हाथ में,
जिस दिन से मेरा हाथ है,
रात दिन अंगना में मेरे,
खुशयो की बरसात है।
हमने मांगी थी दो चार खुशिया,
उसने सुख की लगा दी झड़ी,
सांवरे दर पे तेरे,
आके मिटे दुखड़े मेरे।
सुख की पुरवाई चलने लगी,
धुप दुःख वाली ढलने लगी,
सांवरे के चरण जो छुए,
हस्त रेखा बदलने लगी,
अब महल है थी कल झोपड़ी,
श्याम का जब सहारा मिला,
जब से है श्याम प्यारा मिला,
था जो तूफान मजधार में,
वो ही बनके किनारा मिला,
उसकी सीधी नजर जो पड़ी,
शुक्रिया श्याम सरकार का,
रखा चाकर जो दरबार का,
श्याम हो जिसका मालिक उसे,
डर सताएगा क्या हार का,
शक्तिया उसकी संग है खड़ी,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
