
सुन्धा माँ कठे रे सुता सुख भर नींद में
सुन्धा माँ कठे रे सुता,
सुख भर नींद में,
माताजी आवो थारे,
भगता वाली वेल रे,
पहाड़ा मे मन्दिर आपरो,
चामुण्डा सुन्देशा मनावे,
सुन्धा मावडी,
सुन्धा माँ आया आया,
थारा चरना माय रे,
सुन्धा माँ लाल रे,
चुनडीया वाली मावडी,
माता बैठा बैठा ऊंचा,
भाकर मायने,
सुन्धा माँ लाडू रे,
चढावु थारे चूरमो,
माताजी चाढू थाने,
लीलोडा नारेल,
मगरा मे मन्दिर आपरो,
सुन्धा माँ चाढू थाने,
सुन्धा माँ चांदनी चौदस,
आवे ऊजली,
सुन्धा माँ मेलो कोई,
सुन्धा पर्वत मायने,
सुन्धा माँ बालोतरा सु,
संग पैदल आवियो,
माता आवे आवे,
थारोडे दरबार,
माताजी आवे आवे,
सुन्धा माँ बाबूजी,
हनुमान जी रा लाडला,
सुन्धा माँ अशोक वासु है,
चरना माय रे,
सुन्धा माँ श्याम रे,
ओ गावे गुण गावे आपरा,
सुन्धा माँ श्याम पालीवाल,
गुण गावे आपरा,
सुन्धा माँ राखो थारे,
टाबरिया री लाज रे,
गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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