
हजारों जन्म जी गए,
जिते जिते,
भजो राम सीते,
कमाए है लाखों,
कमाए करोड़ों,
रहे अंत में हाथ,
रीते के रीते,
तजेंगे तुझे,
एक दिन तेरे अपने,
अलग क्यों न होता,
चले तू अभी से,
ना भूलो बिसारो,
हमारे हरि है,
जनम पे जनम,
खो दिए तूने रीते,
स्वर – श्री धन्वंतरी दास जी महाराज।
प्रेषक – संजीव कुमार शर्मा।
देखें – सीताराम कहो राधेश्याम कहो।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

