
हम हाथ उठा कर कहते है हम हो गए खाटू वाले के
हम हाथ उठा कर कहते है,
हम हो गए खाटू वाले के,
हम शीश झुका कर कहते है,
मुझे कहने में संकोच नहीं,
मेरा दाता कोई और नहीं,
हम सबके सामने कहते है,
सारे बंधन को छोड़ दिया,
बस तुमसे नाता जोड़ लिया,
सर ऊँचा करके कहते है,
पागल कह दो मंजूर मुझे,
चाहे कह दो मगरूर मुझे,
हम ढोल पीटकर कहते है,
अब भले बुरे का होश नहीं,
कहता है ‘पवन’ अफसोस नहीं,
हम सीना तानके कहते है,
गायक – सुरिंदर जी गाबा।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


