
सावल सा गिरधारी, ओ भरोसो भारी,
ओ शरण तिहारी, ओ लज्जा हमारी,,,
हरि बिना मोरी, गोपाल बिना मोरी,
लक्ष्मी नाथ बिना मोरी,
गोपी नाथ बिना मोरी,
सावल सेठ बिना मोरी,
कौन खबर ले
मोर मुकुट सिर, छत्र विराजे
कुण्डल की छवि प्यारी,
भला हो रामा, कुण्डल की शोभा न्यारी,,,
हरि बिना मोरी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
लटपट पाग, केसरिया जामा
हिवड़े ओ हार हज़ारी,
भला हो रामा, ग़ल विच हार हज़ारी,,,
वृन्दावन में, गऊएँ चरावे
माधव वन में, धेनु चरावे
बँसी वजावे, गिरवर धारी,
भला हो रामा, मुरली वजावे छत्रधारी,,,
वृन्दावन में, रास रचो है
माधव बन में, लीला रचो है
सहस्त्र गोपियों रे गिरवर धारी,
भला हो रामा, सहस्त्र गोपियों रे बनवारी,,,
छप्पन भोग, छतीसों व्यँजन / मेवा
भोग लगावे राधे प्यारी,
भला हो रामा, भोग लगावे राधे प्यारी,,,
वृंदावन / माधोवन की कुंज गली में
खेलत राधे प्यारी,
भला हो रामा, खेलत कृष्ण मुरारी,,,
इंद्र कोप, कियो बृज ऊपर
नख पर गिरवर धारी,
भला हो रामा, नख पर गिरवर धारी,,,
औरन को तो, और भरोसो
हमको तो आस तिहारी,
भला हो रामा, हमको तो शरण तिहारी,,,
बाई मीरा के प्रभु, गिरधर / नटवर नागर
चरण कमल बलिहारी,
भला हो रामा, जनम जनम दासी थारी,,,
अपलोडर – अनिलरामूर्तिभोपाल
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