
हिण्डो गाल्यो रे हरिये बाग में राजस्थानी राधा कृष्ण भजन
हिण्डो गाल्यो रे हरिये बाग में,
दोहा – वृन्दावन सो वन नही,
नन्द गाँव सो गाँव,
राधे सी रानी नही,
कृष्ण नाम सो नाम।
बाग में बाग में,
आयी आयी रे आयी आयी रे,
सावनीया री तीज कन्हैया,
कन्हैया सावन सुरंगो प्यारो मास रे,
मास रे मास रे,
चमके चमके रे चमके चमके रे,
आभा में प्यारी बीज कन्हैया,
सावन सुरंगो प्यारो मास रे,
चमके चमके रे,
कन्हैया रिमझिम बरसे रूडो मेवडो,
मेवडो मेवडो,
मारी तारा छाई मारी तारा छाई,
चुनड जावे भीग कन्हैया,
रिमझिम बरसे रूडो मेवडो,
मारी तारा छाई चुनड जावे भीग,
कन्हैया संग री सहेलीया जोवे बाटडी,
बाटडी बाटडी,
मारी सासु ओर मारी सासु ओर,
जेठानीया जोवे बीच कन्हैया,
संग री सहेलीया जोवे बाटडी,
मारी सासु ओर जेठानीया,
जोवे बीच कन्हैया,
कन्हैया राधा दिवानी थारे नाम री,
नाम री नाम री,
मारी कंचन जेडी मारी कंचन जेडी,
काया जावे बीच कन्हैया,
राधा दिवानी थारे नाम री,
मारी कंचन जेडी काया जावे बीच,
कन्हैया प्रेम माली आ है विनती,
विनती विनती,
थेतो बादीला थेतो बादीला,
भगता रे जावो बीच कन्हैया,
प्रेम माली सुनजो विनती,
थेतो बादीला भगता रे जावो बीच,
कन्हैया प्रेम माली सुनजो विनती।।
गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
