
होली होली खेलत मदन गोपाल राधा संग लिये
होली होली खेलत मदन गोपाल,
राधा संग लिये।।
ये भी देखें – होली खेलत नन्दलाल।
धर अधरन पर मुरली मनोहर,
खेले रंग भरी पिचकारी लेकर,
ग्वाल सखा नन्दलाल,
होली में धूम मचावे मुरारी,
रंग लेकर राधा पर डारी,
संग में खेलत ग्वाल बाल,
कृष्ण कन्हैया रोके रहिया,
लूट के खाए ग्वालिन की दहिया,
मुख में है मलत गुलाल,
ग्वालों के संग खेलैं कृष्ण कन्हाई,
ढोल मजीरा झाँझ बजाई,
गावत दे दे ताल,
ले पिचकारी अबीर की झोली,
होके मगन मन गावत होली,
‘परशुराम’ खुशहाल,
ग्वालों को संग लिये।।
लेखक एवं प्रेषक – परशुराम उपाध्याय।
“श्रीमानस-मण्डल” वाराणसी।
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