
ॐ बाबोसा जपना सदा,
इस दिल से शामो शहर,
आठो पहर,
एक काम किया कर,
जपाकर नाम जपाकर,
लगाकर ध्यान लगाकर,
ॐ बाबोसा ॐ बाबोसा।।
तर्ज – दमा दम मस्त कलन्दर।
इनके नाम में है अदभुत शक्ति,
दुख दूर करने की एक यही युक्ति,
नाम पावन ये निकले सदा,
इस मुख से शामो शहर,
कलयुग केवल नाम आधारा,
सुमिर सुमिर नर उतरहि पारा,
उड़ जाये पंछी किसको पता,
उससे पहले शामो शहर,
एक सो आठ जिनके नाम है सूंदर,
हर एक नाम तेरे दिल के हो अंदर,
दुनिया में तेरा होगा रुतबा,
सुन दिलबर शामो शहर,
गायिका – कविता राजवंश जी।
रचनाकार – दिलीप सिंह सिसोदिया ‘दिलबर’।
नागदा जक्शन म.प्र. 9907023365
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