
ना चंदन दी पालकी ना कोई हार श्रृंगार
बस मइया, एक प्यार है, कर लो जी स्वीकार ॥
फूल फल जोगी माया है नी,
ना कोल सिदक नी माए ॥
अपणा आप वी वेच नहीं होंदा,
इन्ना मैं मजबूर नहीं माए ॥
इक मेरे को आस है, इक हंजूआं दा हार ॥
ना चंदन दी पालकी...
साक संबंधी कोई ना मेरा,
दुनिया नाते तोड़ रही ए ॥
जिंदगी वाली कश्ती माए,
दुखां वाले मुंह मोड़ रही ए ॥
तेरे हाथ मां डोर है, तेरे हाथ मां डोर है ॥
तूं ना दिलों विसार ॥
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



